छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित ग्राम जेठा में ग्रामीण सशक्तिकरण और अधोसंरचना विकास का एक ऐतिहासिक समागम आयोजित किया गया। इस राज्यस्तरीय वृहद कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संयुक्त रूप से शिरकत की। मंच से दोनों नेताओं ने प्रदेश के ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदलने के लिए कई युगांतरकारी घोषणाएं और योजनाओं की शुरुआत की। कार्यक्रम का सबसे भावुक और ऐतिहासिक क्षण वह रहा, जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत नवनिर्मित पक्के मकानों में प्रदेश के 2 लाख निर्धन परिवारों को एक साथ विधिवत गृह प्रवेश कराया गया। इसके साथ ही, आवास निर्माण में पारदर्शिता लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकी निगरानी प्रणाली, नदियों के पुनर्जीवन के लिए 'धार अपार अभियान' और किसानों की समृद्धि के लिए बहुआयामी क्लस्टर मॉडल की शुरुआत की गई।

2 लाख परिवारों का गृह प्रवेश और AI आधारित जियो-टैग सत्यापन प्रणाली

कच्चे और जर्जर मकानों में पीढ़ियां गुजारने वाले प्रदेश के 2 लाख जरूरतमंद परिवारों को अपने पक्के आशियाने की चाबी सौंपी गई। केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से हितग्राहियों को घर की चाबियां भेंट कर उनके नए जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही आवास योजना के क्रियान्वयन में मानवीय त्रुटियों और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने के लिए आधुनिक तकनीक का समावेश किया गया।

AI-सक्षम जियो-टैगिंग का सूत्रपात: ग्रामीण आवासों के निर्माण की प्रगति की निगरानी के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित जियो-टैग प्रणाली लागू की गई है। यह तकनीक निर्माण के विभिन्न चरणों (नींव, लिंटेल, छत और पूर्णता) की तस्वीरों का स्वतः विश्लेषण कर गुणवत्ता और स्थान की पुष्टि करेगी, जिससे किस्तों का भुगतान सीधे और त्वरित रूप से बैंक खातों में हो सकेगा।

पारदर्शिता और गति: इस प्रणाली से कागजी औपचारिकताओं में होने वाले विलंब पर रोक लगेगी और निर्माण कार्यों में पूर्ण वित्तीय शुचिता सुनिश्चित होगी।

बुनियादी सुविधाओं का समन्वय: नवनिर्मित घरों को केवल चारदीवारी तक सीमित न रखकर उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, नल-जल योजना से पेयजल और सौभाग्य योजना के अंतर्गत निर्बाध बिजली से लैस किया गया है।

'धार अपार अभियान' और 270 नए इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर्स: जल व आजीविका का संबल

समारोह में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दो सबसे बुनियादी आवश्यकताओं—जल संरक्षण और टिकाऊ आजीविका—को लेकर दूरगामी पहलों की आधारशिला रखी गई।

  • 'धार अपार अभियान' का शुभारंभ: छत्तीसगढ़ की सूखती सहायक नदियों, मौसमी नालों और प्राकृतिक जलधाराओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इस राज्यव्यापी अभियान का आगाज किया गया। इसके तहत जल संचयन, चेकडैम निर्माण, कंटूर ट्रेंचिंग और जलधाराओं के किनारों पर सघन पौधारोपण कर भूजल स्तर को बढ़ाने का वैज्ञानिक रोडमैप लागू होगा।
  • 270 इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर (IFC): पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, डेयरी, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन को एकीकृत करने के लिए राज्य में 270 नए क्लस्टर्स का नेटवर्क स्थापित किया गया।
  • किसानों की आय में बहुआयामी वृद्धि: इन क्लस्टर्स के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों को साझा कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग यूनिट्स और आधुनिक कृषि उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी, जिससे उनकी बाजार पर निर्भरता मजबूत होगी।

नारी शक्ति और पंचायती राज का सम्मान: लखपति दीदियों और रानी मिस्त्रियों का गौरव

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास में अग्रिम पंक्ति में रहकर बदलाव लाने वाली महिलाओं और स्थानीय स्वशासन की उत्कृष्ट इकाइयों को मंच से सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया।

  • लखपति दीदी और ड्रोन दीदी का अभिनंदन: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए आर्थिक स्वावलंबन हासिल कर सालाना एक लाख रुपये से अधिक आय अर्जित करने वाली 'लखपति दीदियों' तथा आधुनिक कृषि में ड्रोन का संचालन कर कीटनाशक व नैनो यूरिया छिड़काव करने वाली प्रशिक्षित 'ड्रोन दीदियों' को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
  • 'रानी मिस्त्री' की कार्यकुशलता को नमन: आवास निर्माण के पारंपरिक रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाले राजमिस्त्री कार्य में निपुणता हासिल कर गुणवत्तापूर्ण पक्के घर बनाने वाली 'रानी मिस्त्रियों' को प्रमाण पत्र और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
  • 5 उत्कृष्ट पंचायतों को पुरस्कार: शत-प्रतिशत स्वच्छता, पारदर्शी योजना क्रियान्वयन और उत्कृष्ट सामुदायिक सहभागिता प्रदर्शित करने वाली राज्य की 5 शीर्ष ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

₹122 करोड़ से अधिक के 39 विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन

सक्ती जिले सहित समूचे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 122 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 39 महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन संपन्न हुआ।

  • सड़क, पुल और संपर्क मार्ग: ग्रामीण अंचलों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ने वाली प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की नवीन सड़कों और उच्चस्तरीय पुलों का शिलान्यास किया गया।
  • सामुदायिक व प्रशासनिक अधोसंरचना: ग्रामीण स्वास्थ्य उपकेंद्रों, उप-तहसील भवनों, उचित मूल्य की दुकानों और सामुदायिक भवनों के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी गई।
  • जनप्रतिनिधियों का महाजुटान: इस विशाल आयोजन में राज्य सरकार के वरिष्ठ उप-मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, क्षेत्रीय सांसद, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा हजारों की संख्या में पंच-सरपंच और ग्रामीण उपस्थित रहे।

सक्ती के जेठा में आयोजित यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम इस बात को रेखांकित करता है कि केंद्र और राज्य सरकार का साझा विजन अब केवल वित्तीय आबंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक (AI जियो-टैगिंग), पर्यावरण (धार अपार अभियान) और सामाजिक सशक्तिकरण (लखपति दीदी व रानी मिस्त्री) के संगम से गांव-गांव तक विकास पहुंचाना है। 2 लाख परिवारों का पक्का मकान केवल एक छत नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य का आधार है। वहीं, जल संवर्धन और एकीकृत खेती के क्लस्टर्स आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगे।