मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' के अंतर्गत निवाड़ी जिले में आयोजित भव्य 'बलराम कृषि महोत्सव' में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान वर्चुअली सहभागिता की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़कर मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसान भाइयों-बहनों, कृषि वैज्ञानिकों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के नीतिगत एजेंडे में खेती-किसानी और किसानों का आर्थिक उत्थान सबसे शीर्ष पायदान पर है। उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, उपज की लागत घटाने और किसानों को उनकी फसलों का वाजिब व लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए राज्य शासन निरंतर ठोस कदम उठा रहा है।
उन्नत तकनीक और शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ: 'किसान की आय बढ़ाना ही मुख्य ध्येय'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश को कृषि क्षेत्र में लगातार मिल रहे राष्ट्रीय सम्मानों का वास्तविक श्रेय प्रदेश के परिश्रमी अन्नदाताओं को जाता है। सरकार का प्रयास है कि प्रयोगशालाओं में होने वाले आधुनिक कृषि अनुसंधान का लाभ सीधे खेतों की मेड़ तक पहुंचे, जिससे साधारण से साधारण किसान भी उन्नत उत्पादन प्राप्त कर सके।
- आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों का प्रसार: किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, सॉइल हेल्थ कार्ड के आधार पर संतुलित उर्वरक उपयोग और सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर) से जोड़ने के लिए अनुदान और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
- पारदर्शी योजना वितरण: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, फसल बीमा और शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिये के सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों तक पहुंचाया जा रहा है।
- फसल विविधीकरण और नवाचार: किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ बागवानी, औषधीय पौधों, दलहन-तिलहन और जैविक/प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि बाजार जोखिमों के बीच भी आय का नियमित प्रवाह बना रहे।
बुंदेलखंड अंचल के विकास पर विशेष फोकस: जल संकट से मुक्ति और सिंचाई विस्तार
निवाड़ी सहित समूचे बुंदेलखंड अंचल के कृषि परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की मिट्टी अत्यंत उपजाऊ है, किंतु जल संसाधनों की कमी यहां की ऐतिहासिक चुनौती रही है। सरकार बुंदेलखंड के हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए वृहद सिंचाई परियोजनाओं और भूजल संवर्धन कार्यों को युद्धस्तर पर आगे बढ़ा रही है।
- स्थानीय स्तर पर कृषि अधोसंरचना का निर्माण: निवाड़ी जैसे नए जिले में कृषि उपज मंडियों का आधुनिकीकरण, पर्याप्त भंडारण क्षमता वाले वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज की श्रृंखला तैयार की जा रही है, ताकि फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को रोका जा सके।
- समय पर खाद, बीज और बिजली की उपलब्धता: रबी और खरीफ दोनों ही प्रमुख फसलों के मौसम में किसानों को गुणवत्तापूर्ण प्रमाणित बीज, समय पर पर्याप्त डीएपी/यूरिया खाद और खेती के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
- पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को संबल: कृषि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और गो-पालन को आजीविका का मजबूत साधन बनाने के लिए पशुपालकों को रियायती दर पर ऋण और पशु चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराई जा रही हैं।
जनप्रतिनिधियों और किसानों के साथ साझा संवाद
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान निवाड़ी में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, कृषि अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने स्थानीय आवश्यकताओं और जमीनी अनुभवों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को शासन की आगामी कृषि नीतियों में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।
- प्रगतिशील किसानों का उत्साहवर्धन: महोत्सव में उन्नत बीज उत्पादन और प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्षेत्रीय किसानों के प्रयासों की सराहना की गई।
- कृषि वैज्ञानिक सलाह की सुलभता: मेले में स्थापित प्रदर्शनियों और किसान चौपालों के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम के बदलावों के अनुकूल फसल प्रबंधन की महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
भगवान बलराम की पावन स्मृति में समर्पित यह कृषि महोत्सव केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' के संकल्प को धरातल पर क्रियान्वित करने का एक सशक्त मंच है। नई दिल्ली से लेकर निवाड़ी तक का यह डिजिटल संवाद साबित करता है कि भौगोलिक दूरी चाहे कितनी भी हो, मध्य प्रदेश सरकार अपने अन्नदाताओं की समस्याओं के समाधान और उनकी खुशहाली के लिए हर समय तत्पर है। आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों, पारदर्शी आर्थिक संबल और सुदृढ़ सिंचाई तंत्र के समन्वय से मध्य प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाने की यह प्रतिबद्धता आने वाले समय में राज्य के ग्रामीण अंचलों में समृद्धि का नया सवेरा स्थापित करेगी।
Continue With Google
Comments (0)