न्यायिक गरिमा, सांस्कृतिक आस्था, कृषक कल्याण और कड़े प्रशासनिक सुधारों का संगम; प्रदेशभर के संभागायुक्तों और जिलाधिकारियों को देंगे सुशासन के कड़े निर्देश
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजधानी भोपाल में न्यायिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और नीतिगत सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे। मुख्यमंत्री के आज के विस्तृत दैनिक कार्यक्रम में न्यायपालिका के शीर्ष नेतृत्व के स्वागत से लेकर ग्रामीण भूमि अधिकारों के सशक्तिकरण और राज्य के राजस्व की रीढ़ माने जाने वाले खनिज विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा शामिल है। मुख्यमंत्री न केवल भौतिक रूप से राज्यस्तरीय आयोजनों में उपस्थित रहेंगे, बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से सुदूर जिलों के किसानों, जनमानस और प्रशासनिक तंत्र से सीधे जुड़कर गुड गवर्नेंस का स्पष्ट संदेश देंगे।
MP हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में करेंगे शिरकत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आज के दिन की सबसे महत्वपूर्ण औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के नए मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह से होगी।
- गरिमामयी उपस्थिति: राज्यपाल द्वारा नए मुख्य न्यायाधीश को दिलाई जाने वाली पद एवं गोपनीयता की शपथ के अवसर पर मुख्यमंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
- न्यायपालिका व कार्यपालिका समन्वय: इस अवसर पर मुख्यमंत्री राज्य शासन की ओर से नए मुख्य न्यायाधीश का स्वागत करेंगे और प्रदेश में वादकारियों को सुलभ, पारदर्शी व त्वरित न्याय उपलब्ध कराने में शासन के पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाएंगे।
- विशिष्ट अतिथियों से भेंट: समारोह में उपस्थित मध्य प्रदेश और अन्य उच्च न्यायालयों से पधारे वरिष्ठ न्यायाधीशों एवं प्रशासनिक प्रमुखों से भी मुख्यमंत्री का सौजन्य संवाद होगा।
सांस्कृतिक आस्था और अन्नदाता का संबल: दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से VC के जरिए जुड़ेंगे CM
धार्मिक और किसान कल्याण के कार्यक्रमों को निरंतर गति देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो प्रमुख आयोजनों में हिस्सा लेंगे:
- संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की प्रतिमा स्थापना समारोह: सामाजिक समरसता, समानता और मानवीय मूल्यों के अग्रदूत संत गुरु रविदास जी की भव्य प्रतिमा स्थापना समारोह में मुख्यमंत्री वर्चुअली शामिल होकर उनके विचारों को नमन करेंगे तथा जनसमुदाय को संबोधित करेंगे।
- टीकमगढ़ में ‘बलराम कृषि महोत्सव’: 'कृषक कल्याण वर्ष-2026' के अंतर्गत निवाड़ी के बाद अब टीकमगढ़ जिले में आयोजित हो रहे विशाल 'बलराम कृषि महोत्सव' में मुख्यमंत्री भोपाल से सीधे किसानों से रूबरू होंगे। वे बुंदेलखंड अंचल के किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि तकनीक, पर्याप्त खाद आपूर्ति और सिंचाई विस्तार के शासकीय प्रयासों की जानकारी देंगे।
'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना, 2026' पर कलेक्टर्स-कमिश्नर्स महामंथन
प्रशासनिक सुशासन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभाग आयुक्तों (Commissioners) और जिला कलेक्टरों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेंगे।
- योजना का जमीनी क्रियान्वयन: 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना, 2026' के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संपत्ति स्वामियों को उनके वैध दस्तावेज व अधिकार अभिलेख त्वरित रूप से तैयार कर पंजीकृत कराने की प्रगति जांची जाएगी।
- अभिलेख त्रुटियों का त्वरित निराकरण: कलेक्टर्स को निर्देश दिए जाएंगे कि नामांतरण, बंटवारा और स्वामित्व से जुड़े मामलों में आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और समयसीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं।
- डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स की समीक्षा: राजस्व महकमे को पूरी तरह पारदर्शी और बिचौलियों से मुक्त बनाने के लिए तकनीकी उपकरणों और डिजिटल पंजीयन प्रक्रिया की समीक्षा होगी।
खनिज साधन विभाग की गहन समीक्षा: राजस्व वृद्धि और अवैध उत्खनन पर नकेल
दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खनिज साधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य ध्येय राज्य के राजस्व को बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संपदा के अवैध दोहन पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।
- अवैध उत्खनन व परिवहन पर जीरो टॉलरेंस: मुख्यमंत्री जिलों में अवैध रेत, पत्थर व अन्य खनिजों के खनन और ओवरलोडिंग परिवहन पर जिला प्रशासन व पुलिस बल को संयुक्त व कठोर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश देंगे।
- ई-खनिज पोर्टल व तकनीक आधारित निगरानी: माइनिंग सर्विलांस के लिए ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और आरएफआईडी (RFID) आधारित परिवहन निगरानी प्रणाली के प्रभावी उपयोग की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
- खनिज ब्लॉकों की पारदर्शी नीलामी: राज्य के नए खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर चर्चा होगी, जिससे प्रदेश के खजाने में राजस्व बढ़े और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आज का यह बहुआयामी कार्यक्रम इस बात को रेखांकित करता है कि राज्य शासन न्यायपालिका के प्रति संवैधानिक सम्मान बनाए रखने, संतों के आदर्शों और किसानों की प्राथमिकताओं को साधने के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी की सीधी मॉनिटरिंग के लिए पूरी तरह तत्पर है। संभागायुक्तों से लेकर खनिज महकमे तक सीधी समीक्षा यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी योजनाओं के लाभ बिना किसी रुकावट के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें और शासन की पारदर्शिता पर कोई आंच न आए।
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