भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार अपने स्टेट एविएशन बेड़े (Aviation Fleet) को अत्याधुनिक और सर्वसुविधायुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। हाल ही में स्टेट हैंगर पहुंचे ₹350 करोड़ के सुपर-लक्जरी बिजनेस जेट 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500' के बाद अब राज्य शासन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वीवीआईपी दौरों के लिए विश्वस्तरीय एयरबस ACH160 (Airbus ACH160) हेलीकॉप्टर की खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप दे रहा है। फ्रांस की दिग्गज विमानन कंपनी एयरबस द्वारा निर्मित यह नौ-सीटर हाईटेक हेलीकॉप्टर आगामी नवंबर 2026 के आखिरी सप्ताह तक भोपाल के स्टेट हैंगर पर लैंड करने की उम्मीद है। यह आधुनिक रोटरक्राफ्ट अपनी श्रेणी में सबसे सुरक्षित, शांत और लंबी दूरी तक निरंतर उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों में शुमार है।

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लागत का गणित: ₹125 करोड़ बेस प्राइस, टैक्स व कस्टमाइजेशन के बाद ₹225 करोड़

हेलीकॉप्टर के अधिग्रहण और साज-सज्जा से जुड़े वित्तीय ब्योरे के अनुसार:

  • मूल लागत (Base Price): एयरबस ACH160 की मूल विनिर्माण कीमत लगभग ₹125 करोड़ है।

  • इंटीरियर और कस्टम ड्यूटी: वीवीआईपी दौरों की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक एवियोनिक्स, लग्जरी एग्जीक्यूटिव कैबिन इंटीरियर, सैटेलाइट कनेक्टिविटी, उन्नत सुरक्षा उपकरण, सीमा शुल्क (Custom Duty) और जीएसटी जैसे करों को शामिल करने के बाद इसकी कुल लागत लगभग ₹225 करोड़ तक पहुंच जाएगी।

  • विमानन बेड़े का आधुनिकीकरण: राज्य सरकार के पास वर्ष 2011 में खरीदा गया पुराना हेलीकॉप्टर (EC155 B1) था। सुरक्षा मानकों और आधुनिक तकनीक के लिहाज से नए हेलीकॉप्टर का बेड़े में शामिल होना जरूरी माना जा रहा था।

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तकनीकी खूबियां: 155 नॉटिकल मील रफ्तार और 4.5 घंटे की उड़ान क्षमता

एयरबस ACH160 को अत्याधुनिक एरोडायनामिक्स और उच्च तकनीकी दक्षता के साथ डिजाइन किया गया है:

  • यात्री क्षमता: इसमें 2 क्रू मेंबर्स (पायलट) के अतिरिक्त 9 यात्रियों के बैठने की आरामदायक एग्जीक्यूटिव सीटिंग व्यवस्था की गई है।

  • क्रूज स्पीड और रेंज: यह हेलीकॉप्टर अधिकतम 155 नॉटिकल मील प्रति घंटा (लगभग 287 किमी/घंटा) की तेज रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है।

  • 4.5 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ान: एक बार फ्यूल टैंक फुल होने पर यह लगातार साढ़े चार (4:30) घंटे तक हवा में रह सकता है। इसकी रेंज (लगभग 850+ किमी) इतनी है कि यह मध्य प्रदेश से बिना रुके सीधे नेपाल अथवा श्रीलंका की सीमा तक उड़ान भरने की तकनीकी क्षमता रखता है।

  • वजन क्षमता (MTOW): इसका अधिकतम टेकऑफ भार 6,050 किलोग्राम है, जबकि यह लगभग 1,600 किलोग्राम तक का बाहरी लटकता भार (Sling Load) उठाने में सक्षम है।

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फ्रांस से विशेष ट्रेनिंग लेकर लौटे म.प्र. सरकार के दो पायलट

इस अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर के सुरक्षित और दक्ष संचालन के लिए राज्य शासन ने अपने एविएशन स्टाफ को पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित कर लिया है:

  • विशेषज्ञ प्रशिक्षण: मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन आदर्श राय और कैप्टन संजय श्रीवास्तव को विशेष प्रशिक्षण (Type Rating & Simulation Training) के लिए फ्रांस भेजा गया था।

  • डिलीवरी में भूमिका: फ्रांस में ट्रेनिंग पूरी कर लौटे ये दोनों वरिष्ठ पायलट कंपनी द्वारा हेलीकॉप्टर सौंपे जाने के दौरान तकनीकी परीक्षण, कागजी औपचारिकता और आधिकारिक डिलीवरी की प्रक्रिया में सीधे भागीदार रहेंगे।

डिलीवरी का रूट: समुद्री रास्ते मुंबई पहुंचेंगे पार्ट्स, असेंबलिंग के बाद भोपाल में लैंडिंग

विमानन विभाग के अनुसार हेलीकॉप्टर को सीधे फ्रांस से उड़ाकर भारत नहीं लाया जाएगा:

  • समुद्री मार्ग से मुंबई आगमन: एयरबस ACH160 के सभी मुख्य ढांचे और कलपुर्जे सुरक्षित कंटेनरों में समुद्री मार्ग के जरिए मुंबई बंदरगाह पहुंचेंगे।

  • फाइनल असेंबली व टेस्ट फ्लाइट: मुंबई से पार्ट्स को भारत में एयरबस की तकनीकी फैसिलिटी/असेंबली लाइन में ले जाया जाएगा, जहां विशेषज्ञ इंजीनियर इसे पूरी तरह असेंबल करेंगे।

  • डीजीसीए (DGCA) क्लीयरेंस: तकनीकी परीक्षण, ग्राउंड रन और सुरक्षा संबंधी टेस्ट उड़ानों में सफल पाए जाने तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से आवश्यक क्लीयरेंस मिलने के बाद इसे उड़ाकर भोपाल स्टेट हैंगर लाया जाएगा।

बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जेट के बाद एयरबस ACH160 की यह खरीद मध्य प्रदेश के सरकारी विमानन बेड़े को देश के सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत बेड़ों में स्थापित करती है। राज्य के विस्तृत भौगोलिक क्षेत्रफल, दूरस्थ जनजातीय अंचलों में त्वरित प्रशासनिक पहुंच, आपदा राहत और अंतरराज्यीय वीवीआईपी दौरों के दृष्टिगत यह हाईटेक हेलीकॉप्टर प्रदेश की प्रशासनिक गतिशीलता और सुरक्षा तंत्र को नई मजबूती प्रदान करेगा।