भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नव के प्रभाव से मध्य प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर तेजी से बढ़ रहा है और इसकी स्थिति दक्षिण विशाखापट्टनम से करीब 170 किलोमीटर दूर बताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम केंद्र ने 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रह सकता है। मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश में बादल छाए रहे और मंडला में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। दूसरी ओर, प्रदेश में सुबह-शाम गुलाबी ठंड और दोपहर में तेज धूप का मिला-जुला असर बना हुआ है। मौसम में संभावित बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी के चक्रवात से बदलेगा मध्य प्रदेश का मौसम

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नव लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है। मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है। मंगलवार को दिनभर बादल छाए रहने के बाद मंडला जिले में शाम साढ़े पांच बजे तक हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बुधवार से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के जिलों में बादलों की सक्रियता के साथ तेज बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विज्ञानी पीके रैकवार के मुताबिक, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में कहीं-कहीं अति भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर और सिवनी में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

पूर्वी जिलों में बारिश का असर खेती, ग्रामीण सड़कों और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतना जरूरी होगा।

29 अक्टूबर को 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी

मध्य प्रदेश मौसम केंद्र ने 29 अक्टूबर के लिए 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अति भारी बारिश के साथ वज्रपात और तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अलर्ट वाले जिलों में बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में पानी भरने, सड़कों पर फिसलन बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं और कमजोर अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।

ऑरेंज अलर्ट वाले 12 जिले:

•             सिंगरौली

•             सीधी

•             रीवा

•             मऊगंज

•             सतना

•             अनूपपुर

•             शहडोल

•             डिंडोरी

•             मंडला

•             बालाघाट

•             पन्ना

•             मैहर

ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बारिश की तीव्रता में अंतर संभव है। इसलिए किसी जिले में अलर्ट जारी होने का मतलब यह नहीं है कि वहां के प्रत्येक क्षेत्र में एक जैसी बारिश होगी।

खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कमजोर इमारतों के आसपास रहने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले स्थान पर खड़े रहना भी खतरनाक हो सकता है।

रीवा समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

चक्रवात अर्नव का प्रभाव केवल ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

रीवा समेत करीब 13 जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल, सीहोर, विदिशा, दतिया, भिंड और टीकमगढ़ में बादल छाने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

राजधानी भोपाल सहित पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव पूर्वी जिलों की तुलना में अलग रह सकता है। कहीं बादल छाए रहने की स्थिति बनेगी तो कहीं धूप और बादलों के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बारिश के कारण दिन के तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना रहती है, जबकि बादल छंटने पर धूप के चलते दोपहर में गर्मी का अहसास बना रह सकता है। हालांकि, तापमान में वास्तविक बदलाव बारिश की मात्रा, हवा की दिशा और बादलों की स्थिति पर निर्भर करेगा।

किसानों के लिए भी मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण है। खेतों में कटाई, फसल सुखाने या अन्य कृषि कार्यों में लगे लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार काम की योजना बनानी चाहिए। तेज बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना उपयोगी होगा।

मंगलवार को मौसम रहा शुष्क, सुबह-शाम गुलाबी ठंड

प्रदेश में मंगलवार को अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहा। सुबह और शाम हल्की ठंड का अहसास हुआ, जबकि दोपहर में तेज धूप ने गर्मी का प्रभाव बनाए रखा। इस तरह प्रदेश में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं।

नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे यह प्रदेश के सबसे ठंडे स्थानों में रहा। रायसेन में न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री, दमोह में 15.0 डिग्री और भोपाल में 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

दूसरी ओर, दिन के समय छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में दिन और रात के तापमान में अंतर बना हुआ है।

चक्रवात के प्रभाव से आने वाले दिनों में बादलों और बारिश की गतिविधियां बढ़ने पर कुछ क्षेत्रों मं  तापमान में बदलाव हो सकता है। हालांकि, मौसम की स्थिति जिले के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

शहर    अधिकतम तापमान      न्यूनतम तापमान

भोपाल  31.0°C   15.2°C

इंदौर   31.8°C   16.6°C

ग्वालियर 32.7°C   16.3°C

जबलपुर 30.7°C   16.0°C

आंकड़ों के अनुसार, इन चार शहरों में मंगलवार को ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान के मामले में भोपाल 15.2 डिग्री सेल्सियस के साथ इन शहरों में सबसे ठंडा रहा।

बारिश और वज्रपात के दौरान बरतें सावधानी

चक्रवात के प्रभाव से संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिजली चमकने के समय खुले मैदान, खेत, जलाशय और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, होर्डिंग और अस्थायी निर्माणों के पास जाने से परहेज करें। जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से पहले उनकी स्थिति का आकलन करना भी जरूरी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। खेतों में काम करते समय गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना प्राथमिकता होनी चाहिए। बिजली के तार गिरने या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में संबंधित प्रशासन और बिजली विभाग को सूचना देनी चाहिए।

मौसम विभाग की चेतावनियों में बदलाव संभव है, इसलिए जिला प्रशासन और मौसम केंद्र की नवीनतम जानकारी के आधार पर ही यात्रा तथा बाहरी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बढ़ेगी मौसमी हलचल, अलर्ट वाले जिलों में सतर्कता जरूरी

चक्रवाती तूफान अर्नव के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 29 अक्टूबर को मौसम की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, अति भारी बारिश की आशंका और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, रीवा, सीधी और शहडोल जैसे क्षेत्रों में बारिश की स्थिति पर विशेष नजर रखनी होगी।

वहीं भोपाल, इंदौर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में बादल छाने तथा हल्की बारिश की संभावना है। मंगलवार को जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंड और दोपहर में तेज धूप का असर रहा, वहीं आने वाले दिनों में बारिश के कारण मौसम का मिजाज बदल सकता है।

फिलहाल सबसे जरूरी है कि लोग मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और तेज हवाओं के समय खुले इलाकों से दूर रहें। बारिश की वास्तविक तीव्रता और उसके प्रभाव को लेकर स्थिति स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है। इसलिए ताजा पूर्वानुमान और जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन करना ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर तरीका है।