रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहुंचे दिल्ली, 7 साल बाद शी चिनफिंग की भारत यात्रा; 35 से अधिक सड़कों पर अस्थायी यातायात डायवर्जन, एक दिन में होंगे 70 से 80 हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट

राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में शनिवार से प्रारंभ हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक प्रबंधों को अभेद्य स्तर पर पहुंचा दिया गया है। प्रगति मैदान स्थित मुख्य आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ सहित विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के ठहरने वाले होटलों, एयरपोर्ट कॉरिडोर और मध्य व दक्षिणी दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। इस वैश्विक आयोजन की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के 15,000 से अधिक जवानों के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) की 200 कंपनियों को फील्ड में तैनात किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र का ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि शीर्ष वैश्विक नेताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा मिले और साथ ही आम नागरिकों के दैनिक जीवन व आवश्यक आवागमन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

AI फेस रिकग्निशन और 500 से अधिक CCTV कैमरों से डिजिटल निगरानी

सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए व्यापक डिजिटल सर्विलांस ग्रिड स्थापित किया गया है।

  • हाई-रिजॉल्यूशन व एआई कैमरे: पूरी दिल्ली, विशेष रूप से लुटियंस जोन, एयरपोर्ट रूट और भारत मंडपम के आसपास 500 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं।
  • चेहरे और नंबर प्लेट की पहचान: इन कैमरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक जोड़ी गई है, जो संदिग्ध व्यक्तियों और अनधिकृत वाहनों की रियल-टाइम पहचान करने में सक्षम हैं।
  • कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: दिल्ली पुलिस मुख्यालय और आयोजन स्थल पर बने विशेष नियंत्रण कक्षों से 24 घंटे हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

पुतिन का आगमन और 7 साल बाद शी चिनफिंग की भारत यात्रा: दिग्गजों का महाजुटान

इस 18वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए विश्व की प्रमुख शक्तियों और ग्लोबल साउथ के शीर्ष नेताओं का आगमन शुरू हो चुका है।

  • पुतिन पहुंचे, शी चिनफिंग की पुष्टि: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह नई दिल्ली पहुंच गए। वहीं, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भी सम्मेलन में शामिल होने की औपचारिक पुष्टि हो चुकी है, जो सात वर्ष के अंतराल (2019 के मामल्लापुरम शिखर सम्मेलन के बाद) के उपरांत उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
  • वैश्विक नेताओं की उपस्थिति: सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शीर्ष नेतृत्व सहित प्रमुख राष्ट्राध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुख: संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंतोनियो गुतारेस और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक भी इस बहुपक्षीय विमर्श का हिस्सा बन रहे हैं।

यातायात प्रबंधन: दिल्ली में पूर्ण लॉकडाउन नहीं, 35 से अधिक सड़कों पर चरणबद्ध नियंत्रण

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिखर सम्मेलन के चलते समूची दिल्ली में कोई पूर्ण लॉकडाउन या सामान्य बंदी नहीं की गई है। सामान्य जनजीवन सुचारु रहेगा, हालांकि वीवीआईपी काफिलों (Motorcades) की आवाजाही के दौरान सीमित समय के लिए मार्गों पर अस्थायी रोक और डायवर्जन लागू किए जाएंगे।

  • 35 से अधिक प्रमुख सड़कें प्रभावित: मथुरा रोड, सरदार पटेल मार्ग, शांति पथ, जनपथ, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्स्टॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर काफिलों के गुजरने के दौरान वाहनों को अस्थायी रूप से रोका जाएगा।
  • साउथ दिल्ली में ट्रैफिक दबाव: मिस्र के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साकेत स्थित होटल में ठहरने और वहां से मध्य दिल्ली की ओर आवागमन के कारण दक्षिणी दिल्ली के मुख्य संपर्क मार्गों पर व्यस्ततम घंटों में वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।
  • प्रतिदिन 70-80 हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट: एयरपोर्ट से होटल, होटल से भारत मंडपम और द्विपक्षीय बैठकों के विभिन्न स्थलों तक विदेशी नेताओं के एक दिन में 70 से 80 बार काफिले गुजरेंगे। सुरक्षा परिस्थितियों के अनुसार वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि लंबा जाम न लगे।

हवाई अड्डे से भारत मंडपम तक अंतर-एजेंसी समन्वय

सम्मेलन की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), विशेष सुरक्षा समूह (SPG) और पड़ोसी राज्यों (हरियाणा व उत्तर प्रदेश) की पुलिस के साथ सीमावर्ती इलाकों में संयुक्त नाकाबंदी और समन्वय स्थापित किया है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर विभिन्न होटलों और भारत मंडपम तक के पूरे मार्ग को सेफ पैसेज के रूप में चिन्हित कर आपातकालीन बैकअप रूट भी तैयार रखे गए हैं।

भारत मंडपम में आयोजित हो रहा यह 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भारत की कूटनीतिक प्रतिष्ठा और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का एक महत्वपूर्ण परीक्षण है। जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच रूस, चीन और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के शीर्ष नेताओं का एक मंच पर जुटना इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर अत्यंत संवेदनशील बनाता है। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों का यह कड़ा सुरक्षा चक्र न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इस महामंच को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगा, बल्कि दिल्ली के नागरिकों के लिए न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी की प्रशासनिक कुशलता को भी विश्व पटल पर रेखांकित करेगा।