राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान रविवार को विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का साक्षी बनने जा रहा है। कथित 'वोट चोरी', एसआईआर (SIR) के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस महारैली में विपक्ष ने करीब 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना जताई है। भारी जनसैलाब और संभावित अव्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरी राजधानी, विशेषकर सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटकर 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों, अर्धसैनिक बलों और 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। महारैली के चलते सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मध्य दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में व्यापक फेरबदल किया गया है।
दोपहर 12 बजे मिंटो रोड से शुरू होगा मार्च, शाम 5 बजे तक चलेगा कार्यक्रम
महारैली और विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा के अनुसार:
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मार्च का मार्ग: विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मुख्य मार्च दिल्ली के आउटर सर्कल स्थित मिंटो रोड जंक्शन से दोपहर 12:00 बजे प्रारंभ होगा। यह मार्च अजमेरी गेट और जवाहरलाल नेहरू (JLN) मार्ग होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा।
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प्रमुख मांगें: विपक्ष ने इस महारैली का मुख्य एजेंडा चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, 'वोट चोरी' के आरोपों की निष्पक्ष जांच, एसआईआर नीति का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे को बनाया है।
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महारैली का समय: रामलीला मैदान में मुख्य सभा और शीर्ष विपक्षी नेताओं का संबोधन शाम 5:00 बजे तक जारी रहेगा।
14 जोन में सुरक्षा का चक्रव्यूह: 4,000 जवान, कंट्रोल रूम और CAPF की 270 कंपनियां
रैली स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमान दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने खुद संभाल ली है:
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पुलिस कमिश्नर ने लिया जायजा: दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने स्पेशल सीपी, डीसीपी (सेंट्रल), डीसीपी (नई दिल्ली) और जॉइंट सीपी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शनिवार को मिंटो रोड और रामलीला मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया।
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जोनवार प्रशासनिक कमान: रामलीला मैदान को कुल 14 प्रशासनिक जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन का प्रभार एसीपी (ACP) रैंक के अधिकारी को सौंपा गया है, जबकि दो-दो जोन के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एडिशनल डीसीपी (Addl. DCP) रैंक के अधिकारी संभाल रहे हैं।
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सघन जांच व निगरानी उपकरण: मैदान के भीतर एक हाईटेक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाया गया है। प्रवेश द्वारों पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से हर व्यक्ति की जांच की जा रही है। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, एंटी-रायट वाहनों (दंगा रोधी गाड़ियां) और उन्नत निगरानी उपकरणों से लैस क्विक रिएक्शन टीमों (QRT) को तैनात किया गया है।
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CAPF की तैनाती में तीसरा विस्तार: विभिन्न संगठनों द्वारा अचानक विरोध प्रदर्शन की खुफिया सूचनाओं को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 270 कंपनियों की तैनाती अवधि को तीसरी बार आगे बढ़ा दिया गया है।
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आयोजकों को सख्त हिदायत: पुलिस प्रशासन ने आयोजकों से आमंत्रित वीआईपी, स्वयंसेवकों और आने वाली बसों का संपूर्ण विवरण मांगा है। साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले भड़काऊ भाषणों से बचने और अधिकृत पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य दिल्ली में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए व्यापक ट्रैफिक सर्कुलेशन और डायवर्जन प्लान लागू किया है:
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10 प्रमुख डायवर्जन पॉइंट: आवश्यकता पड़ने पर नेताजी सुभाष मार्ग टी-पॉइंट, राजघाट, दिल्ली गेट, आईटीओ ए-पॉइंट, अजमेरी गेट रेड लाइट, बाराखंभा रोड स्थित रणजीत सिंह फ्लाईओवर, झंडेवालान गोलचक्कर और तुर्कमान गेट समेत 10 प्रमुख चौराहों से यातायात को डायवर्ट किया जाएगा।
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जाम की आशंका वाले मार्ग: बहादुर शाह जफर मार्ग, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, अरुणा आसफ अली रोड, मिंटो रोड, बाराखंभा रोड, कमला मार्केट और हमदर्द चौक के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की संभावना है।
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पार्किंग स्थल: रैली में शामिल होने वाले वाहनों के लिए एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल के सामने रेलवे पार्किंग, डीएमआरसी (DMRC) पार्किंग और राजघाट के पास विशेष स्थान निर्धारित किए गए हैं।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए जरूरी एडवाइजरी
ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले रेल यात्रियों को जाम से बचने के लिए विशेष विकल्प सुझाए हैं:
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मेट्रो का उपयोग करें: सबसे सुरक्षित और समय पर पहुंचने के लिए मेट्रो सेवा चुनें। येलो लाइन के नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर उतरकर सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचा जा सकता है।
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एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन: यदि हवाई अड्डे की ओर से आ रहे हैं, तो शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का विकल्प चुन सकते हैं।
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सड़क मार्ग के यात्री (पहाड़गंज साइड चुनें): निजी वाहन या कैब से जाने वाले यात्री आईटीओ, डीडीयू मार्ग, मिंटो रोड, दिल्ली गेट और जेएलएन मार्ग से जाने से बचें। अजमेरी गेट की बजाय पहाड़गंज की ओर से स्टेशन में प्रवेश करें।
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वैकल्पिक कनेक्टिंग रूट्स:
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आउटर सर्कल से चेम्सफोर्ड रोड होते हुए सीधे पहाड़गंज साइड पहुंचा जा सकता है।
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करोल बाग, झंडेवालान, वंदे मातरम मार्ग, पंचकुइयां रोड से बसंत रोड होते हुए पहाड़गंज पहुंचा जा सकता है।
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झंडेवालान से रानी झांसी रोड और देशबंधु रोड के रास्ते भी स्टेशन पहुंचा जा सकता है।
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पहाड़गंज स्थित शीला सिनेमा ओवरब्रिज से उतरकर अजमेरी गेट साइड के एंट्री गेट का भी विकल्प चुना जा सकता है।
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अस्पतालों के लिए ‘अबाध कॉरिडोर’: एंबुलेंस और पैदल यात्रियों को पूरी छूट
रैली के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को किसी भी प्रकार के व्यवधान से दूर रखा गया है:
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LNJP और जीबी पंत अस्पताल के लिए ग्रीन मार्ग: लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) और गोविंद वल्लभ पंत (G.B. Pant) अस्पतालों की ओर जाने वाली एंबुलेंस और आपातकालीन जीवन-रक्षक वाहनों के लिए पूरी तरह निर्बाध और आरक्षित रास्ता सुनिश्चित किया गया है।
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पैदल आवाजाही अप्रभावित: सुरक्षा जांच के अतिरिक्त आम पैदल यात्रियों और स्थानीय निवासियों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
संसद सत्र और आगामी राज्य विधानसभा चुनावों से पहले रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की यह महारैली विपक्षी एकजुटता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर राष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने का एक बड़ा राजनीतिक प्रयास है। भारी संख्या में जनसमूह के आगमन को देखते हुए दिल्ली पुलिस की बहुस्तरीय सुरक्षा घेराबंदी और ट्रैफिक प्रबंधन की सक्रियता का मुख्य उद्देश्य राजधानी के सामान्य जनजीवन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किए बिना कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
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