अटलांटा । अमेरिका के अटलांटा में आयोजित चतुर्भुज सुरक्षा संवाद (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की उच्चस्तरीय बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता, वैश्विक आपूर्ति शृंखला की सुरक्षा और निष्पक्ष व्यापार नियमों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक के उपरांत जारी साझा बयान में किसी देश का नाम लिए बिना औद्योगिक 'ओवरकैपेसिटी' (अति-उत्पादन) और गैर-बाजार नीतियों के जरिए डाले जा रहे आर्थिक दबाव पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वहीं, बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस वार्ता में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि क्वाड किसी राष्ट्र विशेष के विरोध में बना मंच नहीं है, बल्कि यह समान लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक नियमों की पैरवी करने वाले देशों का सकारात्मक गठबंधन है।

‘क्वाड किसी के खिलाफ नहीं, अनुचित व्यवहारों का विरोध करता है’: मार्को रुबियो

अमेरिकी विदेश मंत्री ने समूह के मूल विजन और रणनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए चीन को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब दिया:

  • राष्ट्र-विरोधी नहीं, नियम-आधारित मंच: मार्को रुबियो ने कहा कि क्वाड न तो चीन विरोधी गठबंधन है और न ही किसी अन्य देश के विरोध के लिए इसका गठन हुआ है। यह चार समान सोच वाले साझेदार देशों का ऐसा मंच है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और अनुचित आर्थिक व्यवहारों का विरोध करता है।

  • ट्रंप-शी वार्ता से पूर्व संतुलन: रुबियो की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब आगामी हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शेन्जेन में द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, रुबियो का बयान वार्ता से पहले माहौल को अत्यधिक तनावपूर्ण होने से बचाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

  • मजबूत गति पकड़ रहा गठबंधन: अमेरिकी विदेश मंत्री ने रेखांकित किया कि क्वाड सकारात्मक सहयोग के एजेंडे पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और नवंबर में सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक में कई नए एवं ठोस कदमों की घोषणा की जाएगी।

साझा बयान में ओवरकैपेसिटी और आर्थिक दबाव पर प्रहार

बैठक के बाद जारी संयुक्त घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आपूर्ति शृंखला को विकृत करने वाली प्रवृत्तियों पर कड़ा रुख अपनाया गया:

  • औद्योगिक ओवरकैपेसिटी की चुनौती: क्वाड मंत्रियों ने सीधे तौर पर नाम लिए बिना चीन की राज्य-प्रायोजित विनिर्माण नीतियों और वैश्विक बाजारों में उत्पादों की डंपिंग (ओवरकैपेसिटी) पर चिंता जताई, जिससे अन्य देशों के घरेलू उद्योग प्रभावित होते हैं।

  • आर्थिक ब्लैकमेलिंग और निर्यात पाबंदियां: बयान में महत्वपूर्ण खनिजों और तकनीकी कलपुर्जों के निर्यात पर मनमाने प्रतिबंध लगाने तथा बाजार सिद्धांतों के प्रतिकूल नीतियों के इस्तेमाल को रेखांकित किया गया। क्वाड ने स्पष्ट किया कि ऐसे एकतरफा कदम महत्वपूर्ण उद्योगों की वैश्विक आपूर्ति शृंखला को बाधित करते हैं।

  • विश्वसनीय सप्लाई चेन का निर्माण: चारों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर, दवाओं और उच्च-तकनीक के क्षेत्रों में सुरक्षित, विविध और पारदर्शी वैकल्पिक सप्लाई चेन विकसित करने के संकल्प को दोहराया।

मनीला में आयोजित होगा आगामी क्वाड शिखर सम्मेलन

बैठक के दौरान क्वाड नेतृत्व की आगामी औपचारिक बैठक के स्थान और समय की भी आधिकारिक घोषणा की गई:

  • मनीला में महामंथन: मार्को रुबियो ने घोषणा की कि अगला क्वाड लीडर्स शिखर सम्मेलन फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित किया जाएगा।

  • शीर्ष नेताओं की सहभागिता: इस शिखर सम्मेलन में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्ष एक मंच पर एकत्रित होंगे। मनीला में होने वाला यह सम्मेलन दक्षिण चीन सागर और आसियान (ASEAN) क्षेत्र के रणनीतिक संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अटलांटा में क्वाड विदेश मंत्रियों की यह बैठक स्पष्ट करती है कि समूह अब केवल सुरक्षा संवाद तक सीमित न रहकर वैश्विक आर्थिक संप्रभुता और तकनीकी सुरक्षा का प्रमुख मंच बन चुका है। रुबियो द्वारा क्वाड को रक्षात्मक या आक्रामक सैन्य गुट के बजाय नियम-आधारित आर्थिक व्यवस्था का समर्थक बताना और साथ ही आर्थिक दबाव पर प्रहार करना, मनीला में होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन के लिए एक संतुलित और व्यापक कूटनीतिक आधार तैयार करता है।