मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल के आदिवासी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार (31 जुलाई) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर आदिवासी समाज के अधिकारों और हितों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी समाज की भावनाओं और व्यवस्थागत सुधारों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष तीन प्रमुख मांगे रखीं और उन पर तत्काल ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में उठाई गईं 3 प्रमुख मांगें
1. विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश: 9 अगस्त को 'विश्व आदिवासी दिवस' के अवसर पर मध्य प्रदेश में राज्यस्तरीय सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।
2. संस्थानों के निजीकरण पर रोक: आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित शासकीय आईटीआई (ITI), आदिवासी छात्रावासों और स्वास्थ्य केंद्रों के निजीकरण पर तुरंत रोक लगाई जाए, साथ ही जर्जर पड़े छात्रावासों की स्थिति में सुधार किया जाए।
3. रीवा हत्याकांड के दोषियों पर सख्त कार्रवाई: रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख विधायक
मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के दौरान नेता प्रतिपक्ष के साथ कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी विधायक फूंदेलाल मार्को, केदार डाबर, झूमा सोलंकी, संजय उइके, सुनील उइके उपस्थित रहे |
"आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों से नहीं होगा समझौता": उमंग सिंघार
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मीडिया को बताया कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों को पूरी प्रखरता के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया है।
सिंघार ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर सकारात्मक आश्वासन दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
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