दतिया विधानसभा उपचुनाव का सियासी पारा चढ़ते ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोर्चेबंदी संभाल ली है। पटवारी ने दतिया के विभिन्न वार्डों और ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस उम्मीदवार कुँवर घनश्याम सिंह के समर्थन में धुआंधार जनसंपर्क किया और आम जनता से हाथ के पंजे पर बटन दबाने की अपील की। जनता से सीधे संवाद के दौरान पटवारी ने दावा किया कि पूरे क्षेत्र में घूमने के दौरान एक ही स्वर सुनाई दे रहा है—सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा है। उन्होंने कहा कि गाँव-गाँव में न तो कोई भाजपा प्रत्याशी को पहचानता है और न ही उन्हें समर्थन देना चाहता है, जिससे साफ़ है कि दतिया में एक बार फिर कांग्रेस का परचम लहराने जा रहा है।

दतिया की गलियों में पहुंचे जीतू पटवारी; भाजपा के खिलाफ जनाक्रोश का किया दावा

"राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द कर लोकतंत्र का गला घोंटा"— बीजेपी पर साधा सीधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को तार-तार करने का गंभीर आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि दतिया की जागरूक जनता भूली नहीं है कि किस तरह भाजपा ने अपने अहंकार में आकर कांग्रेस के लोकप्रिय विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता असंवैधानिक तरीके से समाप्त कराई। उन्होंने कहा कि यह दतिया के जनादेश और जनता के वोट का सीधा अपमान था। इस अन्याय को लेकर आम जनमानस के भीतर गहरी टीस है और क्षेत्र की जनता इस बार अपने वोट की ताकत से भाजपा के इस दमनकारी रवैये का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भरा हुंकार; चुनाव को बताया संविधान और स्वाभिमान की जंग

जीतू पटवारी ने चुनावी सभाओं और जनसंपर्क के दौरान स्पष्ट किया कि यह उपचुनाव महज़ एक विधायक चुनने या एक सीट हासिल करने का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र, जनता के फैसले और भारतीय संविधान की रक्षा का संग्राम है। प्रचार अभियान के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी, प्रदेश उपाध्यक्ष/महासचिव श्रीमती किरण अहिरवार और वरिष्ठ नेता अवधेश नायक सहित पार्टी के तमाम बड़े पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर कांग्रेस प्रत्याशी कुँवर घनश्याम सिंह को भारी मतों से विजयी बनाने का संकल्प दोहराया।

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दतिया का सियासी समीकरण और जनसंदेश

संक्षेप में कहें तो, दतिया के इस उपचुनाव ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म किए जाने को हथियार बनाकर कांग्रेस ने इसे 'लोकतंत्र बनाम अहंकार' की लड़ाई में तब्दील कर दिया है। जीतू पटवारी के इस आक्रामक प्रचार और स्थानीय जनता के बीच न्याय व स्वाभिमान के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने के बाद अब दतिया का यह मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। अब देखना यह होगा कि दतिया का मतदाता उप-चुनाव में बदलाव की मुहर लगाता है या फिर सत्तापक्ष अपनी रणनीति से बाजी पलटने में कामयाब होता है।