नई दिल्ली। नवंबर माह के पहले दिन से आम नागरिकों की दैनिक दिनचर्या, यात्रा, बैंकिंग और डिजिटल संचार से जुड़े कई प्रमुख नियमों में व्यापक बदलाव लागू हो गए हैं। सड़क परिवहन से लेकर दूरसंचार और कराधान प्रणाली तक प्रभावी हुए इन नए प्रावधानों का सीधा असर हाइवे पर गाड़ी दौड़ाने वाले वाहन चालकों, स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं, व्यापारियों और लाखों पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा टोल प्लाजा के स्थानीय निवासियों के लिए ₹1,500 का वार्षिक पास जारी करने से लेकर दिल्ली की सीमाओं पर पुराने वाहनों के प्रवेश प्रतिबंध, दूरसंचार विभाग (DoT) का कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सिस्टम और जीएसटी रिफंड की ऑटोमैटिक मंजूरी जैसी व्यवस्थाएं आज से अमल में आ गई हैं।

1. टोल प्लाजा के 20 किमी दायरे में रहने वालों के लिए ₹1,500 का वार्षिक पास

हाइवे पर नियमित रूप से आवागमन करने वाले स्थानीय निजी वाहन चालकों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने नई टोल पास व्यवस्था लागू की है:

  • सालाना ₹1,500 की दर: टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले गैर-व्यावसायिक (प्राइवेट) वाहन स्वामियों के लिए यह नया पास जारी किया गया है।

  • स्थानीय निवासियों को बचत: इस सालाना पास के बन जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और शहरी निवासियों को टोल प्लाजा से बार-बार गुजरने पर दैनिक शुल्क नहीं देना होगा, जिससे दैनिक यात्रा सुगम और बेहद किफायती बनेगी।

2. दिल्ली में बाहरी नॉन-BS6 वाहनों पर रोक, मुंबई-पुणे लिंक पर मालवाहक प्रतिबंधित

सड़क सुरक्षा और बढ़ते वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए दो प्रमुख एक्सप्रेसवे व शहरी कॉरिडोर पर नए प्रतिबंध प्रभावी हुए हैं:

  • दिल्ली विंटर एक्शन प्लान: वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में गिरावट से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत दूसरे राज्यों में पंजीकृत पुराने नॉन-BS6 वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह व्यवस्था आगामी 31 जनवरी तक लागू रहेगी।

  • मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे कनेक्टिंग लिंक: महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक पर मालवाहक (भारी वाणिज्यिक) वाहनों की आवाजाही को आज से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिससे यात्री वाहनों का सफर जाममुक्त और सुरक्षित होगा।

3. मोबाइल स्क्रीन पर बिना ऐप दिखेगा असली KYC नाम (CNAP सेवा)

दूरसंचार विभाग (DoT) के निर्देशों के तहत देश के सभी प्रमुख टेलीकॉम नेटवर्क पर कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) व्यवस्था की शुरुआत हो गई है:

  • वेरिफाइड पहचान: 4G और 5G नेटवर्क उपयोगकर्ताओं को अब किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर वही प्रामाणिक नाम दिखेगा, जो सिम कार्ड खरीदते समय सरकारी पहचान-पत्र (KYC) में दर्ज कराया गया था।

  • थर्ड-पार्टी ऐप्स की जरूरत खत्म: इस सुविधा के लिए उपभोक्ताओं को ट्रू-कॉलर जैसी बाहरी ऐप्स पर निर्भर रहने या फोन में डेटा एक्टिव रखने की बाध्यता नहीं होगी।

  • इंटरनेशनल कॉल फ्लैश: विदेश से आने वाली किसी भी अनजान कॉल पर स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से ‘International Call’ लिखा आएगा, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्पूफिंग और साइबर ठगी से सतर्क रहने में मदद मिलेगी।

4. जीएसटी में ऑटोमैटिक रिफंड और छोटे व्यापारियों को आसान रिटर्न

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा कारोबारियों के अनुपालन भार को घटाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है:

  • ऑटोमैटिक रिफंड अप्रूवल: टैक्स रिफंड प्रक्रिया में लगने वाले अनावश्यक विलंब और अत्यधिक कागजी प्रक्रियाओं (Documentation) को घटाने के उद्देश्य से चुनिंदा श्रेणियों में रिफंड का ऑटोमैटिक अप्रूवल सिस्टम शुरू किया जा रहा है।

  • ₹5 करोड़ से कम टर्नओवर वालों को सुविधा: सालाना ₹5 करोड़ से कम टर्नओवर वाले उन कारोबारियों के लिए, जो सीधे उपभोक्ताओं (B2C) को सामान या सेवाएं प्रदान करते हैं, एक सरलीकृत रिटर्न व्यवस्था बनाई जा रही है।

5. पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र महाअभियान शुरू

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपनी पेंशन निर्बाध जारी रखने के लिए अनिवार्य जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जमा करने की प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू हो गई है:

  • 30 नवंबर तक अंतिम तिथि: पेंशनभोगी 1 से 30 नवंबर तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट ऑफलाइन अथवा डिजिटल माध्यम से जमा कर सकते हैं (80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के अति-बुजुर्गों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही संचालित है)।

  • 2,000 शहरों में 5वां राष्ट्रव्यापी अभियान: पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग देश के 2,000 शहरों और जिलों में 5वां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान चला रहा है, जिसमें बायोमेट्रिक और फेस-ऑथेंटिकेशन तकनीक से घर बैठे प्रमाण पत्र बनवाने की सुविधा मिल रही है।

6. तमिलनाडु में शराब बिक्री पर डिजिटल पेमेंट अनिवार्य, नवंबर में 10 दिन बैंक बंद

राज्यस्तरीय नियमों और वित्तीय सेवाओं के कैलेंडर में भी दो बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं:

  • TASMAC दुकानों पर नो-कैश: तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने ₹1,000 से अधिक कीमत वाली शराब की रिटेल खरीद पर नकद लेनदेन बंद कर दिया है। दुकानों पर अब डिजिटल पेमेंट (UPI/कार्ड) अनिवार्य कर दिया गया है।

  • त्योहारों के चलते 10 दिन बैंक शाखाएं बंद: नवंबर माह में दिवाली, गोवर्धन पूजा, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती के चलते राज्यों के स्थानीय अवकाशों के अनुसार रविवार, दूसरे व चौथे शनिवार के अलावा विभिन्न तिथियों (2, 9, 10, 11, 13, 16, 20, 23, 24 और 27 नवंबर) पर क्षेत्रीय बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

1 नवंबर से लागू हुए ये सभी नियम एक ओर जहां डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा और कर प्रणाली में पारदर्शिता को सुदृढ़ करेंगे, वहीं पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परिवहन लागत को घटाकर नागरिकों के दैनिक जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे। विशेषकर टोल टैक्स की नई श्रेणी और मोबाइल नेटवर्क स्तर पर कॉलर पहचान की व्यवस्था आम जनता को सीधी आर्थिक व सुरक्षा राहत प्रदान करेगी।