मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार छठे कारोबारी सत्र में तूफानी तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों के बाद वैश्विक तनाव घटने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट से घरेलू निवेशकों का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच गया। दिन के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,008.61 अंक (2.60%) की भारी छलांग के साथ 79,310.01 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 576.00 अंक (2.40%) की जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए 24,536.60 पर बंद हुआ।

​इस लगातार 6 दिनों की ऐतिहासिक तेजी के दम पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹501 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जो 28 अक्टूबर 2026 को ₹473 लाख करोड़ था। महज छह कारोबारी सत्रों में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹28 लाख करोड़ का जबरदस्त इजाफा हुआ है।

​ब्रॉडर मार्केट और सेक्टोरल सूचकांकों का हाल: ऑटो और वित्तीय शेयर चमके

​गुरुवार के सत्र में बाजार की तेजी केवल दिग्गज शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिली:

  • ​ब्रॉडर मार्केट: निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,115.40 अंक (1.87%) की मजबूती के साथ 60,620.90 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 106.05 अंक (0.56%) चढ़कर 19,132.45 पर बंद हुआ।
  • ​टॉप गेनर सेक्टर्स:
    • ​निफ्टी ऑटो: +4.14% (सर्वोच्च बढ़त)
    • ​निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: +3.99%
    • ​निफ्टी रियल्टी: +3.52%
    • ​निफ्टी प्राइवेट बैंक: +3.44%
    • ​निफ्टी पीएसयू बैंक: +3.13%
    • ​निफ्टी आईटी: +2.42%
    • ​निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: +2.32%
    • ​निफ्टी सर्विसेज: +2.16%
    • ​निफ्टी कंजम्पशन: +1.94%
    • ​निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग: +1.29%
  • ​गिरावट वाले सेक्टर्स: बाजार की चौतरफा तेजी के बावजूद चुनिंदा क्षेत्रों में मुनाफावसूली दर्ज की गई, जिनमें निफ्टी इंडिया डिफेंस (-1.69%), निफ्टी मीडिया (-0.84%), निफ्टी एनर्जी (-0.52%) और निफ्टी पीएसई (-0.02%) लाल निशान पर बंद हुए।

​टॉप गेनर्स और लूजर्स: बैंकिंग और टेक शेयरों ने भरी हुंकार

  • ​प्रमुख गेनर्स: बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), सन फार्मा, एलएंडटी, टीसीएस, टेक महिन्द्रा, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, टाटा स्टील, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और ट्रेंट रहे।
  • ​प्रमुख लूजर्स: भारती एयरटेल, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, आईटीसी (ITC), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और एनटीपीसी (NTPC) में बिकवाली का दबाव देखा गया।

​बाजार में बंपर तेजी के 4 मुख्य कारक (Key Triggers)

​बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस ऐतिहासिक रैली के पीछे वैश्विक और मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतकों का सकारात्मक रुख रहा:

  1. ​अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के परिणाम: अमेरिकी चुनावों के स्पष्ट रुझानों से संकेत मिले हैं कि वाशिंगटन का रुख अब अधिक संतुलित और संयमित रह सकता है। इससे वैश्विक व्यापार पर नए दंडात्मक टैरिफ लगाने और आक्रामक नीतियों के लागू होने की आशंकाएं काफी हद तक कम हुई हैं।
  2. ​भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल में नरमी: अमेरिका-ईरान विवाद को लेकर तनाव घटने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाएं टलने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जो भारत जैसे प्रमुख आयातक देश के लिए सबसे बड़ा राहत भरा संकेत है।
  3. ​डॉलर इंडेक्स और यूएस ट्रेजरी यील्ड में गिरावट: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का भारतीय बाजारों में विश्वास लौटा है।
  4. ​घरेलू अर्थव्यवस्था और चालू खाता घाटे (CAD) को राहत: सस्ते कच्चे तेल और कमजोर डॉलर से भारत के चालू खाता घाटे, विदेशी मुद्रा भंडार और घरेलू मुद्रास्फीति (महंगाई) के दबाव में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना बलवती हुई है।

​भारतीय शेयर बाजार का यह उछाल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बादल छंटने के साथ ही विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशक भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर भरोसा जता रहे हैं। सेंसेक्स का 79,300 के पार निकलना और निफ्टी का 24,500 के अहम तकनीकी स्तर को पार करना बाजार में बुल रन के एक नए चरण की शुरुआत का संकेत देता है।