देहरादून। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तराखंड के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में राजधानी देहरादून में आयोजित भव्य 'उत्तराखंड राज्योत्सव' समारोह को संबोधित करते हुए राज्य के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और समान नागरिक संहिता (UCC) पर केंद्र सरकार का विजन प्रस्तुत किया। जनसभा को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले चुनावों में जनता को यह तय करना होगा कि उन्हें विकास को समर्पित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार चाहिए या भ्रष्टाचार में डूबी ‘राहुल बाबा’ की सरकार। उन्होंने कहा कि दशकों तक उत्तराखंड को पलायन और 'मनी ऑर्डर इकोनॉमी' के सहारे छोड़ दिया गया था, जिसे भाजपा सरकार ने बदलकर स्थानीय स्तर पर संपदा सृजन करने वाली औद्योगिक अर्थव्यवस्था में रूपांतरित किया है।

‘पहाड़ का पानी और जवानी’ को लगाया राज्य के काम: पर्यटन में 380% की वृद्धि

गृह मंत्री ने पिछले वर्षों में राज्य की आर्थिक संरचना में आए बुनियादी बदलावों को रेखांकित किया:

  • मनी ऑर्डर अर्थव्यवस्था और पलायन का अंत: अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी नीतियां बनाई गईं जिससे ‘पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी’ कभी पहाड़ के काम नहीं आ सकी और लोग आजीविका के लिए पलायन को विवश हुए। भाजपा शासन ने पलायन पर प्रभावी रोक लगाकर युवाओं को राज्य के भीतर ही औद्योगिक व स्वरोजगार के अवसर सुलभ कराए हैं।
  • पर्यटन क्षेत्र में ऐतिहासिक उछाल: राज्य में बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क स्थापित होने के परिणामस्वरूप उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार में 380 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी संबल मिला है।

सीमाई अधोसंरचना, सर्जिकल स्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’

सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर पूर्ववर्ती नीतियों की आलोचना करते हुए गृह मंत्री ने कहा:

  • सीमाई सड़कों का निर्माण: पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में यह कहकर सीमाई इलाकों में सड़कें नहीं बनाई जाती थीं कि यदि सड़कें बनेंगी तो चीन और दुश्मन देश भारत की सीमा के भीतर घुस आएंगे।
  • अभेद्य सीमाएं और कड़ा जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों तक आधुनिक ऑल-वेदर सड़कों और रणनीतिक पुलों का जाल बिछाया गया है। अमित शाह ने दो टूक कहा कि आज किसी में भारत की सीमाओं की ओर आंख उठाने का साहस नहीं है। जिन्होंने भी सीमा पर दुस्साहस करने का प्रयास किया, उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी सटीक सैन्य कार्रवाइयों के जरिए मुंहतोड़ जवाब देकर उनका सफाया किया गया।

UCC पर बड़ा रोडमैप: 15 अन्य राज्य कतार में, सभी भाजपा राज्यों में होगा लागू

समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को सामाजिक न्याय की अनिवार्य आवश्यकता बताते हुए गृह मंत्री ने जनसमूह से सीधा संवाद किया:

  • कुप्रथाओं पर पूर्ण विराम: अमित शाह ने सभा में उपस्थित जनसमूह से पूछा कि क्या इस देश में किसी को चार शादियां करने या तीन तलाक देने की अनुमति होनी चाहिए? जनता के 'ना' में जवाब देने पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन चुका है, जहां कानूनन न तो कोई चार विवाह कर सकता है और न ही किसी महिला को तीन तलाक का दंश झेलना पड़ सकता है।
  • 15 अन्य राज्यों में तैयारी: गृह मंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि उत्तराखंड द्वारा तैयार किए गए यूसीसी मॉडल का अध्ययन कर अब देश के 15 और राज्य अपनी-अपनी समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ चुके हैं।
  • भाजपा शासित सभी राज्यों में विस्तार: उन्होंने स्पष्ट किया कि चरणबद्ध तरीके से देश के सभी भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

देहरादून के मंच से गृह मंत्री अमित शाह का यह उद्बोधन न केवल उत्तराखंड के विकास मॉडल को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करता है, बल्कि यह सीमाई सुरक्षा, पलायन मुक्ति और सामाजिक सुधारों के त्रिकोणीय एजेंडे पर पार्टी की दीर्घकालिक रणनीति को भी स्पष्ट करता है। उत्तराखंड को आधार बनाकर तैयार किया गया समान नागरिक संहिता (UCC) का ढांचा अब अन्य राज्यों के लिए मानक बन चुका है, जिससे आने वाले समय में यह सुधार राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में और अधिक मजबूती से उभरेगा।